Poems

बेकरार बेताब है ये दिल मिलने को उस दिल से, हर जन्म हर ज़िंदगी है हमारी आपसे.

Written by Gyanihuman

बेकरार बेताब है ये दिल मिलने को उस दिल से,
हर जन्म हर ज़िंदगी है हमारी आपसे.

हमारी हसी में भी छिपे हर दर्द को पहचान लेते हो,
बेहद खुशनसीब हैं हम पाकर आपको.

बारिश में भी भीगे अश्क़ भी पहचान लेते हो,
बयान भी नहीं कर सकते कितना चाहते हैं हम आपको.

हमसे ज़्यादा तो आप जानते हो हमें,
आपको ही हर जन्म माँगते अपनी हर दुआ में.

शामिल हो हमारी रूह में आप ऐसे,
दिल की धड़कनो को साँसे चाहिए जैसे.

आँखो में छलक आते हैं खुशी के आँसू,
जिस कदर प्यार करती है हमसे आपकी आबरू.

नज़र ना लगे कभी आपको मेरी जान,
आप हो हमारे पास तो है जान में जान.

आप जैसे फ़िक्र करते हो हमारी,
बहुत अच्छा लगता है हमें नुन्नु सी जान प्यारी.

आपकी धड़कनो से चलती हैं साँसे हमारी,
सुकून मिलता है सुनके आपकी आवाज़ प्यारी.

आ जाओ ना जल्दी से आके,
लगालो हमको अपने सीने से.

बेकरार बेताब है ये दिल मिलने को उस दिल से,
हर जन्म हर ज़िंदगी है हमारी आपसे.

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About the author

Gyanihuman

Hello everyone! This is Gyanihuman.

Thanks for signing by my profile,
Wish you each day with a sunny smile.

Here is the member of Gyanihuman,
To excel in every phenomenon.

Is the objective of ours,
Team working every second and hours.

Ready to serve you the best,
To make your life a blest.

Motto of my life is to spread happiness,
Aiming for IPS is a bless.

Didn't expected to reach in the land of writer,
Thankyou God for making my journey brighter.

"FAILURE CAN NEVER OVERTAKE YOU IF YOUR DETERMINATION TO SUCCEED IS STRONG ENOUGH" wish you a very good luck!! May God shower his blessings on you and bless you with a gratifying path on the road of Life....Stay connected with us! we wish to create you,explore you and bloom you like a flower...stay happy and blessed :):)

7 Comments

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    the spelling on quite a few of your posts.
    Several of them are rife with spelling problems and I to find it very troublesome to tell the reality nevertheless I’ll surely come back
    again.

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