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CREATIONS OF MY FAVORITE POET “Manish Shrivastav Ji”

Written by Sonia Paruthi

क़त्ल-ए-आम

आपके लिए मैं ख़ुद को गज़ल-ए-शाम कर दूँ,
आँखों से टपके अश्क़ को मोहब्बत-ए-ज़ाम कर दूँ,

क्यों डरते हो आप इस गम-ए-जुदाई से मेरे यारा
आ उस डर को मिट्टी में मिला श्मशान कर दूँ,

इस बेजुबां दिल में छिपी प्यार की वसीयत को
आ हमेशा के लिए उस नादां दिल के नाम कर दूँ,

खुशी की ख्वाईश नही हम गम बाँट कर ही मुस्कुरायेंगे,
आ मिलकर इस वादें को भी हमनाम कर दूँ,

ख्वाइशें नही की हो जाऊं मशहूर आपके इश्क़-ए-क़रार में,
आ आपकी मोहब्बत में ख़ुद को बदनाम कर दूँ,

अब तो होठों से निकली हर लफ्ज़ आपकी याद में गज़ल बन जाती,
आ उस गज़ल को भी इस दुनिया के सामने सरेआम कर दूँ,

गर हो कोई ग़म का साया हमारी इस छोटी ज़िन्दगी में,
आ उसे भी इस ज़िन्दगी से क़त्ल-ए-आम कर दूं……..

 

 

ज़िन्दगी का पूरा पहर बाकी है

ऐ मेरे साथिया ज़िन्दगी के रंगमंच का पूरा सफ़र बाकी है,
दर्द की बातें बहुत हुई बस प्यार का थोड़ा असर बाकी है,

एक छोटे से घर मे गम मिला तो क्या हुआ,
देखने के लिए तो अभी पूरा शहर बाकी है,

आप क्यों रोते हो हर छोटी छोटी बातों पर,
अभी तो मेरे ज़ज्बातों का पूरा कसर बाकी है,

बस थोड़ी सी पी थी हमने जाम प्यार का,
अभी तो प्याली मे रखा पूरा ज़हर बाकी है,

कौन कहता है लोगों से तबाह हो गई मेरी ज़िन्दगी,
सब्र कर पगले अभी तो कुदरत का पूरा क़हर बाकी है,

पलभर के दर्द से क्यों होते हो परेशान साहब,
अरे खुशी के लिए तो अभी पूरा पहर बाकी है,
पूरा पहर बाकी है…..

 

खूबसूरत तोहफा

शुक्रगुजार हूँ मैं उस पल का जिसने मुझे इतना खूबसूरत तोहफा दिया,
जब से पाया है आपको ऐसा लगता मैंने खुद को खुद से ही पूरा किया,

मेरी आख़िरी ख्वाईश यही है की आपके सारे सपनें पूरे हो जाए,
जिस मोहब्बत की शुरूआत आपसे हुईं आप पर ही ख़त्म हो जाए,

बिन आपके एक पल भी जीना बेहद मुश्किल सा हो गया है,
जब से दिल की सरजमीं पे आपका सज़दा किया है,

आपकी अमानत है ये दिल,जब से हुए है आपसे रुबरू,
हर जनम में साथ सिर्फ आपका हो,हरपल ये दुआ मैं रब से करूँ,

मेरे हमसफ़र मेरी ज़िन्दगी मेरी माहिया,
जो आपके लफ्ज़ ना कह पाए, वो आपके आँखों ने कह दिया,

आपकी यादें हमेशा हमारी इन पंक्तियों में जीवित रहेंगे,
हम रहे या ना रहें हमारे अहसास हमेशा आपके साथ रहेंगे,

 

शुक्रगुजार हूँ मैं उस रब का जो आपको अपनी हमसफ़र के रूप में पाया

शुक्रगुजार हूँ मैं उस रब का जो आपको अपनी हमसफ़र के रूप में पाया,
आपसे ही मिलती इस दिल को तस्सली सिर्फ आपसे ही है जीना आया,

यू तो प्यार के भी लोग कई नाम दे देते है इस जहां में,
पर ये प्यार बिन नाम के ही है हमारे साँसों में है समाया,

सच तो यह भी है बिन आपके एकपल का सफ़र बड़ा मुश्किल सा लगता है,
जब से हुई है मोहब्बत आपसे ऐसा लगता कि फ़िर से इन साँसों में जान है आया,

ये सच है कि आपकी मुस्कुराहट आज मेरी जीने की वज़ह है, 
आपको पाया है जबसे ऐसा लगता उस ख़ुदा का नक्श है पाया,

अरे यहाँ तो लोग इस मोहब्बत को मिटाने की लाख कोशिश करते हैं
ख़ैर ना आजतक किसी से मिटा है ये प्यार ना कोई अबतक मिटा पाया,

मुक्कमल तो तब भी होगा जब ज़ुदा हम अपनी साँसों से हो जाये
ये नाही हम कहते ना वो कहते ये उस ख़ुदा का पैग़ाम है आया,

बेशक़ आप हमें समाप्त कर सकते हो साहब पर ये तो बताइए
की उसे कैसे समाप्त करोगे जो इस रूह में है समाया,
जो मेरे रग रग में है समाया……

 

कितने बदल गए हम

आज आँखों मे आँसू लेकर देखो कितने सम्भल गए है हम,
कुछ ने हमें अपना समझा और कुछ को लगा कितने बदल गए है हम,

खैर आज हम ख़ामोश है क्योंकि ये वक़्त बेवक़्त हो गया है,
कल ख़ुश था मुझपर आज थोड़ा शख़्त हो गया है,

रौशनी की तलाश में,अँधेरों में कितने ढल गए है हम,
कुछ ने हमे अपना समझा कुछ को लगा कितने बदल गए है हम,

ख़ैर ज़िन्दा हु मैं अभी पर थोड़ा अपनी साँसों से घबराया हुआ हूँ,
काश! मुझे भी थोड़ी जगह वहाँ मिल जाती जहाँ से मैं आया हुआ हूँ,

देखो आज ज़िन्दगी की इस दौर में कितने फिसल गए है हम,
कुछ ने हमे अपना समझा कुछ को लगा कितने बदल गए है हम,

दर्द खुद का नही अपनों का साथ छूट जाने का है,
शिकायत रब से भी नही वक़्त का वक़्त से पहले रुठ जाने का है,

रिश्ते निभाते निभाते रिश्तों की आग में ही जल गए है हम,
कुछ ने हमे अपना समझा कुछ को लगा कितने बदल गए है हम,

 

दर्द तब होता

दर्द तब नही होता जब कोई अपना हमें छोड़ जाता है,
दर्द तो तब होता है जब ख़ुद का विश्वास टूट जाता है,

ना कोई अपना था,ना कोई अपना है इस दुनिया मे,
बस ये दिल पागल है जो हर किसी को अपना समझ जाता है,

यहाँ आपके आँसुओ की क़द्र नही है साहब,
जिससे होती हमें समझ मोहब्बत की अक्सर वही टूट जाता है,

अक्सर देखा है हमने यहाँ फरेबी निगाहों को बदलते,
मौसम वक़्त के साथ बदलता पर लोगों के दिल बेवक़्त ही बदल जाता हैं,

रिश्तों की परिभाषा तो उसी दिन बदल जाती जब कोई अपना कह हमें अपना बना लेता,
पर क्या करें जहाँ से शुरू होते है रिश्ते एक दिन वही टूट कर बिखर जाता है..

 

टूट जाना बाकी था

जो पन्ने फट गए ज़िन्दगी के उस पर बहुत कुछ लिखना बाकी था, 
दर्दों के साथ जीना सीख गए पर अभी बहुत कुछ सीखना बाकी था,

कुछ ख़्वाइशों को आपने जलाया उसके लिए शुक्रिया है आपका,
कुछ यादें आपके साथ ही मिट गए कुछ ख्वाबों को मिटाना बाकी था,

बेशक़ इन हवाओं में हौसला नही था जो बुझा दे हमारे प्यार के दीप,
आपने उसे बुझा तो दिया बस उसका जलकर राख बन जाना बाकी था,

जो हमे आप हर वक़्त समझाया करतें दास्तान-ए-मोहब्बत,
हम तो समझ गए जी बस आपको समझ आना बाकी था,

वाह!आप आए चाहत बनकर चले गए बनकर नासूर,
आप तो भूल गए सारी बातों को बस हमें भुल जाना बाकी था,

ये यकीन था कि रोना है एक दिन आपके साथ मुस्कुराकर,
समझ तो थी बस उस पल इस बात का अहसास होना बाकी था,

हम ख़ुद ही चले जाते आपको छोड़कर एक बार कह कर तो देखते,
आपने तो मुह मोड़ लिया उस रास्ते से बस हमें मुड़ जाना बाकी था,

नफ़रत तो हम खुद से करना बहुत पहले सिख गए थे,
बस आपके झूठे इश्क़ को उस नफ़रत में जलाना बाकी था,

सुनिए आपकी हैसियत नही थी इस मनीष को तोड़ने की,
ख़ैर आपने तो सिर्फ मेरे ख़्वाबों को तोड़ा,अभी हमे टूट जाना बाकी था,
टूट जाना बाकी था..

 

ज़िन्दगी से कुछ सवाल पूछ लूँ

सोचा क्यों ना आज इन अल्फ़ाज़ों से अपनी मोहब्बत-ए-हाल पूछ लूँ,
सारी दुनिया को भूल आज ख़ुद की ज़िन्दगी से कुछ सवाल पूछ लूँ,

क्या हुआ तेरे बड़े बड़े बातों का,कसमों का झूठे वादों का,
टूटे हुए ख़्वाब,जली हुई ख्वाइशें उन झूठे विवादों का,

तू कहता ये दुनिया बहुत प्यारी है और प्यारे है यहाँ के लोग,
आज बता तो ज़रा हमें कहाँ है तेरी दुनिया कहाँ है तेरे वो लोग,

बता ना आज तू मेरे सवालों से इतना ख़ामोश क्यों है,
कल की बड़ी बड़ी बातें का आज जले हुए राख़ क्यों है,

हसीं होंगे सारे पल तेरे हसीं होगी तेरी सारी रातें,
आज बता ना हमें कहाँ गयी तेरी वो झूठी बेबाक़ बातें,

आज तू ख़ामोश ना रह मेरे सवालों के जवाब दे,
मेरे दर्द की छोड़ तू आज मेरी ज़िन्दगी का हिसाब दे,

आज तू ये ना कह हमसे की ये सवाल करना छोड़ दे,
या तो मेरे सवालो का जवाब दे या हमें पूरी तरह से तोड़ दे,

आख़िर कबतक ज़िन्दगी तुझे यू ख़ुश करने के लिए जिये हम,
आख़िर कबतक अंदर ही अंदर घुट घुट कर अश्क़ों को पिये हम,

क्यों क्यों क्यों तू आज हमें मरने नही देता,
ना तू कुछ करता मेरे लिए ना हमे अपने लिए करने देता,

देख लेना मेरी ज़िन्दगी तू एक दिन मेरी साँसे तुझसे जुदा हो जाएंगी,
तू रोयेगा सारे दिन और मेरी मुस्कान हवाओं में खिलखिलायेंगी,

एक और बात सुन तू ये ना सोच की अब मैं कभी ना आऊँगा,
जवाब तैयार रखना क्योंकि मैं फ़िर एकदिन इन्हीं सवालों के साथ तेरे पास आऊँगा,
जरूर आऊंगा……

हमें सिर्फ़ उनसे मोहब्बत है

ऐ ख़ुदा मेरे दिल के हर हिस्से में मेरे हमसफ़र का नाम लिख दें,
“हमें सिर्फ़ उनसे मोहब्बत है” इसे हर गली हर चैराहे पूरा आसमान लिख दें,

हमें आरज़ू नहीं ज़िन्दगी भर जीने की इस फ़रेबी दुनिया मे,
बस एक पल में जी लू अपने सारे पल साथ उनके ऐसा अरमान लिख दें,

मेरी हर ख़ुशी उनसे होकर गुज़रे,उनके सारे ग़म हमसे 
दुआ है इस दिल का बस एक ऐसा फ़रमान लिख दें, 

वो मुस्कुराती रहें हमेशा खिले गुलाब की तरह,
छीन उनकी मायुशी को हमारी मुस्कान लिख दें,

गुमनाम हो जाये उनकी मोहब्बत में हमेशा के लिए,
एक ऐसा ईश्क़-ए-ज़ाम हमारे नाम लिख दें,

एक -दो जनम नही हर जनम में वो सिर्फ़ मेरी हो,

ऐ मेरे ख़ुदा कुछ ऐसा इस दुनिया को पैगाम लिख दें…

 

आप साथ हो हमारे तो ख़ुदा हमारे साथ है।

आपसे ही जुड़े हमारे इस दिल के ज़ज़्बात बात है,
बिन आपके ना कोई खुशी है ना कोई हसीं लम्हात है,
यू तो दिल हमेशा आपकी एक झलक के लिए रहता बेचैन,
आपकी यादों के साथ दिन,आपकी ख्वाबों के साथ ही रात है,

हम साथ है तो फिर डरने की क्या बात है,
आपके साथ हमारे हर पल बेहद खाश है,
ना होना मायुश कभी बीते कल को सोचकर,
आज खूबसूरत है तभी खूबसूरत कल भी साथ है,

आपके लिए तो मुस्कान बनी है अश्क़ों की क्या औकात है,
आपसे ही है हम आपसे ही जुड़े सारे ख़यालात है,
बिन आपके हमे एक पल की भी ज़िन्दगी नही चाहिए,
आप साथ हो हमारे तो ख़ुदा हमारे साथ है।

 

बाग में खिले हर गुलाब को आपके नाम कर दूँ

बाग में खिले हर गुलाब को आपके नाम कर दूँ
आपको इस सीने से लगा हमेशा के लिए हमनाम कर दूँ,
आपके हर तकलीफ़ को सह लू खुशी खुशी,
आपकी यादों में खुद को भुला सुबह शाम कर दूँ,

ज़िन्दगी का हरेक पल आपके नाम कर दूँ,
आपकी उल्फ़त में ख़ुद को बदनाम कर दूँ,
कुछ इस क़दर समायी हो आप इस दिल मे,
मन कहता दिल चिर इसे भी सरेआम कर दूँ,

आपकी आँखों को जन्नत-ए-ज़ाम कर दूँ,
आपकी होठों पे एक प्यारी मुस्कान कर दूँ,
छीन लूँ आपको किस्मत की लकीरों से,
इन साँसों पे हर जनम के लिए आपका ही नाम कर दूँ

 

सारे उम्मीदों को जलाने की जरूरत क्या हैं,

 

प्यार एक एहसास है इसे लफ्ज़ों में जताने की जरूरत क्या है,
मोहब्बत तो दिल से होती हैं फ़िर जुबां से बताने की जरूरत क्या हैं,

इस फ़रेबी दुनिया का तो काम है आपको ज़ख्म देकर मुस्कुराना,
फिर उसी ज़ख्म को याद कर अश्क़ बहाने की जरूरत क्या है,

ये उल्फ़त हमें आपके ज़िस्म से नही मुक्कमल हयात से है,
फ़िर हरबार ख़ुद को अकेला जताने की जरूरत क्या है,

बिन आपके तो हमें ख़ुद से नफ़रत होती है मेरे माहिया,
फ़िर”छोड़ चले जायेंगे”ये सोचकर दिल दुखाने की जरूरत क्या है,

अरे हम तो रोज लड़ते है अपनी किस्मत से सिर्फ आपके लिए,
फ़िर आपको मुख़्तसर गर्दीशें में टूट जाने की जरूरत क्या है,

आपकी एक मुस्कान मेरे साथिया मेरी जीने की वजह हैं,
ये जानते हुए भी “हम खुश है” ये बहाने बनाने की जरूरत क्या है,

ये साँसे सिर्फ़ आपकी उम्मीदों की वजह से चल रही हैं,
फ़िर उन सारे उम्मीदों को जलाने की जरूरत क्या हैं,
जरूरत क्या हैं………

 

मुहब्बत-ए-सुरूर बना लूँ

क्यों खड़े हो दूर इतना आना तुझे दिल-ए-दस्तूर बना लूँ,
छुपा के इस फ़रेबी दुनिया से आना तुझे हमगुरूर बना लूँ,

नज़दीकियां भी होगी,दूरियाँ भी होगी हमारे दरमियां,
भूल जाओ सारे ज़ख्म को आना तुझे अपनी फ़ितूर बना लूँ,

मौसम भी बदलेंगें वक़्त भी बदलेगा खैर सुन
भूल इन सभी बातों को आना तुझे ब-दस्तूर बना लूँ,

छुप जाने दे चाँद को बादलों में मेरे हमसफ़र,
आना मेरे पास तुझे ताउम्र के लिए अपना नूर बना लूँ,

चाहत की शुरुआत तो तेरे आने के बाद हुई है,
खैर छोड़ इन सभी बातों को आना तुझे मुहब्बत-ए-सुरूर बना लूँ।

 

मोहब्बत -ए-इनकार को लिखते हैं

हम शायर नहीं बस अपने अश्क़,ज़ख्म ख़ुमार को लिखते हैं,
कल जीत गया था ख़ुद को आज मोहब्बत में हार कर लिखते है,

कहीं चंद लफ्ज़ों से सजाये जाते है खूबसूरत महफ़िल,
यहाँ हम अपनी अल्फ़ाज़ों से ज़िन्दगी के सार को लिखते हैं,

कल जो हयात थे हमारे जिनके उल्फ़त के हम दीवाने थे,
आज हम उन्हें नही इस वक़्त-ए-इख़्तियार को लिखते है,

फ़क्र होता है हमें आज भी अपनी तक़दीर अपनी हार पे,
कल उनके थे हम और आज उनके मोहब्बत-ए-इनकार को लिखते हैं

 

 सफ़र दोस्ती का

आपके दोस्ती के रूप में हमने दुनिया का सबसे खूबसूरत तोहफा पाया है,
आपकी दोस्ती का ही असर है जो हमने रोते हुए भी मुस्कुराया है,
बेहद खुशनसीब है हम जो आप आये हमारी इस छोटी ज़िन्दगी में,
आपको मुस्कुराता देख सिर्फ हमने ही नही उस ऊपर वाले ने भी मुस्कुराया है,

ज़िन्दगी जीने का मतलब तो हमे आपसे आया है,
आपके दोस्ती के साथ हमसे हर गम पराया है,
किसने कह दिया कि ख़ुदा को पाना नामुमकिन है,
सच कहूँ तो आपको पाकर हमने उस ख़ुदा को पाया है,

मुरझाये हुए फूल में खुश्बू सिर्फ आपसे आया है,
हमारे ज़िन्दगी का हरेक पल को खूबसूरत आपने  बनाया है,
आपकी दोस्ती पे हमें खुद से ज्यादा नाज़ है क्योंकि,
आपके दोस्ती के साथ फिर से हमें जीना आया है,

बेख़ौफ़ है हम जबतक आपके दोस्ती का साया है,
वक़्त का तहे दिल से शुक्रिया जो हमे आपसे मिलाया है,
बस एक गुज़ारिश है उस ख़ुदा से रखना सलामत हमारी दोस्ती को,
क्योंकि इस प्यारी दोस्ती को हमने खूबसूरत पलों से सजाया है…..

मेरी मोहब्बत और वो

कुछ ज़िन्दगी तो कुछ ज़िन्दगी का सबक बन जाते,
कुछ करते मुक्कमल प्यार कुछ दर्दे नासूर बन जाते,

पर शायद ये इस खूबसूरत दुनिया का दस्तूर है,
जिससे होती बेइन्तहां मोहब्बत वो अक्सर दूर चले जाते,

किसी की खुशी के लिए हम खुद को बदलते,
पर कुछ उसे भी नजरअंदाज कर जाते,

वक़्त का खेल तो देखिए साहब
कुछ छीन लेते पलभर की ख़ुशी और कुछ पलभर में ज़िन्दगी भर की ख़ुशी बन जाते,

कुछ पास रहकर भी पास न थे
और कुछ दूर रहकर भी इस दिल का ख़ास बन जाते,

कुछ वर्षों का विश्वास तोड़ देते है पलभर में,
और कुछ एकपल में ही ज़िन्दगी भर का विश्वास बन जाते,

कुछ कहते अग़र हो सकें तो कभी मेरे सामने मत आइयेगा,
और कुछ कहते हर जगह सिर्फ आप ही नज़र आते,

हम उनके नज़रो से क्या दुनिया से ही ओझल हो जाते,
सिर्फ़ एक बार तो मेरी गलतियां बता जाते,

बेशक़ हम खुश है वक़्त का तकाज़ा देखकर,
अगर आज वो होते तो शायद आज हम इतना खुश नही रह पाते,

मोहब्बते नाम करना हो तो खुद पे रखना भरोसा,
वरना इस दुनिया में लोग पलभर में बेवफा बना जाते।

तिरंगा

चलो आज उन वीर शहीदों के नाम एक पयाम करते है,
जो हो गए कुर्बान हमारे लिए उन्हें दिल से सलाम करते है,
कैसे चुकाएंगे हम कर्ज़ उन वीर जवानों का,
जो ख़ुद सीने पर गोलियां खाकर इस वतन का नाम करते है,

लफ्ज़ छोटे पड़ जाते उनकी बहादुरी के बखान के लिए,
न धर्म न जाति होती उनकी, जीते है सिर्फ वतन के मान के लिए,
जो कड़ी धूप हो या हो सियाचिन की कड़कड़ाती ठंडी
सीना तान रहते हमेशा तैयार सिर्फ हमारी जान के लिए,

हम कभी हिन्दू तो कभी मुसलमान करते है,
जाति धर्म के नाम पर झगड़े सुबह-शाम करते है,
चलो आज मिटा दो इस भेदभाव को ताउम्र के लिए,
पकड़ कर हाथ एक दूसरे का इस तिरंगे का नाम करते हैं….

 

मेरी ज़िन्दगी हो आप..

हर सुबह की इबादत हो आप,
मेरे होठों की मुस्कुराहट हो आप,
हमारे साँसों से गुजरने वाली हर हवा
उस हवा में छिपी सरसराहट हो आप,

इस दिल की जज़बात हो आप,
सपनो में हुई मुलाकात हो आप,
जब भी होते है हम दिल से खुश,
उस खुशी की पूरी लम्हात हो आप,

हमसफ़र हो मेरी बन्दगी हो आप,
सुबह और शाम की सादगी हो आप,
ये दिल जो सिर्फ आपके लिए धड़कता है,
उस धड़कन में छिपी मेरी ज़िन्दगी हो आप,

मेरी जान हो मेरा ग़ुरूर हो आप,
लड़खड़ाते हुए लफ्ज़ों की सुर हो आप,
जिस जन्नत की सभी करते है ख्वाईश,
उस खूबसूरत जन्नत की हूर हो आप

 

ज़ख्म से भरा दिल

 

आज भी उनके पुराने ज़ख्मो से भरा है ये दिल,
जब भी आती वो पुरानी यादें रो पड़ा है ये दिल,

अरे कौन कहता कि नए लोगों से पुराने दर्द कम हो जाते है,
लोग खो कर मरते है पर किसी को पाकर भी मरा है ये दिल,

अंदर ही अंदर घुट घुट कर हम उन्हें माफ करते गए,
और उन्हें लगा कि मेरे पास बहुत बड़ा है ये दिल,

कभी मोहताज़ थे हम उनकी मोहब्बत-ए-इज़हार को,
पर आज तो उनके लिए सिर्फ़ नफ़रतों से भरा है ये दिल,

ज़िन्दगी चन्द लम्हों की होती और हम सपनें सात जनम के देखते,
भला कोई ये तो बताये की क्या किसी का इस जनम से भरा है ये दिल,

कभी लड़ते थे हम खुदा से किसी के मुस्कान के लिए,
पर आज ख़ुद की मुस्कान के लिए खुद से ही लड़ा है ये दिल,

नम आँखों के साथ लिखी है हमनें भी वो पुराने ज़ख्म,
क्या करें साहब आज बहुत टूट टूट कर खड़ा है ये दिल..

 

दोस्ती

जहाँ हमें अपनो जैसा यार मिलता है,
वहाँ हमें खुशियों का संसार मिलता है,
बेहद खुशनसीब होते है वो लोग जिन्हें
ख़ुदा से दोस्ती का उपहार मिलता है,

दोस्त हमेशा ही इस दिल के पास होते है,
दूर हो जाये दुनिया पर वो हमारे साथ होते है,
हर पल हो जाता ज़न्नत की तरह खूबसूरत,
जब सारे दोस्त हमारे आस पास होते है,

दोस्त हमें ज़िन्दगी जीना सीखा देते है,
दोस्त हर मुश्किल को आसान बना देते है,
कुछ दोस्त बनकर देते है हमें धोखा,
तो कुछ हमेशा के लिए इस दिल मे समा जाते है…..
…………………….

 

विश्वास की डोर

ज़िन्दगी का मतलब बस कुछ लोग ही समझ पाते है,
जिससे मोहब्बत होती साहब वही दर्द दे जाते है,
कभी छुपी होती है मीठी बातों में गहरे राज,
और कभी सबकुछ जानते हुए भी हम अनजान रह जाते है,

विश्वास की डोर उस वक़्त कमजोर पड़ जाते हैं,
जब कोई इंसान शक के दायरे में आ जाते है,
कभी वर्षो लग जाते है इस विश्वास को बनाने मे,
और कभी कुछ लोग पलभर में इसे तोड़ जाते हैं,

कोई रुलाकर जाते है तो कोई हँसाकर जाते है,
कोई अपना बन इस दिल को दुखाकर जाते हैं,
वो मनीष तो कब का खो गया हैं खामोशियों की गलियों में,
कोई इसे नासमझ तो कोई इसे हमारी मज़बूरी बता जाते है।

 

हमें रुलाकर चले गए..

हम रोते रह गए उनके सामने और वो मुस्कुराकर चले गए,
हम प्यार करते गए बेइन्तहां उनसे और वो दिल दुखाकर चले गए,

ज़िन्दगी को जीना अभी सिख ही रहा था मैं,
और वो खूबसूरत ज़िन्दगी में आकर चले गए,

जो आँखे हमेशा खुश देखना चाहती थी उनको,
उन्हीं तरसती आँखों को वो रुलाकर चले गए,

मुन्तज़िर था जिस पल का मैं वर्षो से साहब,
उस पल से पहले ही वो सबकुछ भुला कर चले गए,

बेहद खूबसूरत ख़्वाब सजाये थे हमने उनके लिए,
पर वो पलभर में सारे ख़्वाब जला कर चले गए,

वो लफ्ज़ जिससे इन कानो को कभी बेहद सुकूँ मिलता था,
उन्ही लफ्ज़ों से हमें बेवफ़ा बना कर चले गए,

खुद से ज्यादा प्यार था इस दिल में उनके लिए,
पर उस प्यार को वो अधूरा बना कर चले गए,

दिल तो आज भी रोता है उन पलों को यादकर,
और वो इस नादां दिल को दर्द-ए-मंज़र बना कर चले गए,
हमें रुलाकर चले गए….
.

 

रब सलामत रखना हमेशा ये दोस्ताना हमारा…

ये बेरंग ज़िन्दगी इतनी आसान ना होती,
यदि आपका अहसास मेरे साथ ना होती,

मायूशी में मुस्कुराना तो हमे आपसे आया है,
आपको पाया जैसे हमने उस खुदा को पाया है,

दिल से जुड़े रिश्ते शायद इसलिए बेहद ख़ास होते है,
क्योंकि ऐसे रिश्ते में एक अटूट विश्वास होते है,

जिन रिश्तों में विश्वास नही होते वो रिश्ते अक्सर टूट जाते है,
चलें जाते जब दूर हम,तब हमारी अहमियत समझ आते है,

जब हमारे जज़बात एक दूसरे से जुड़ जाते है,
बिन कहे ही इस दिल की बात उस दिल तक पहुँच जाते है,

ऐ ख़ुदा मेरी हर खुशी उनके नाम कर दे,
उनके लबों पर मीठी मुस्कान कर दे,

जन्नत से भी खूबसूरत है ये अनमोल रिश्ता हमारा,
ऐ मेरे रब सलामत रखना हमेशा ये दोस्ताना हमारा….

 

 

वक़्त की बंदिश

साहब वक़्त की बंदिश भी बड़ी अजीब होती है,
जिसकी जरूरत होती,उससे दूरियाँ ही नसीब होती है,

डर लगता है कि कहीं ये वक़्त हमें मजबूर ना कर दे,
हमारे सपनें तोड़ कहीं एक दूसरे से हमें दूर ना कर दे,

आपसे दूर होकर ऐ मेरे हमसफ़र हम हमेशा के लिए टूट जाएंगे,
इस वक़्त को कैसे समझाऊ,की बिन साँसे भला हम कैसे जी पाएंगे,

अक़्सर दो प्यार करने वालो से ही ये वक़्त खफ़ा हो जाता है,
हम उनके बिना नही रह सकते है,ये वक़्त कहाँ समझ पाता है,

एक कदम चलना उस वक़्त बेहद मुश्किल हो जाता है,
जब आपका हमसफ़र आपसे रूठ साथ छोड़ जाता है,

नदी और लहरें भी क्या खूब दोस्ती निभाते है,
नदियाँ चुपचाप बहती और लहरें रास्ता बनाते है,

एक दिन वक़्त से हमनें भी पूछा आखिर आप पलभर में क्यों बदल जाते हैं,
वक़्त ने बड़ा ही खूबसूरत जवाब दिया,हम तो सिर्फ इंसान को हर परिस्थिति में जीना सिखाते है,

 

 

 

हमने टूटकर किसी को निखरते देखा है…

हमने बूँद बूँद को समंदर होते देखा है,
खुशी को पलभर में दर्दो का मंजर होते देखा है,

हमने किसी को टूटकर भिखरते देखा है,
तो किसी को टूटकर निखरते देखा है,

हमने किसी के आंखों में ख्वाब को मरते देखा है,
तो किसी के आंखों में ख्वाब को संवरते देखा है,

हमने दुखों से डरकर किसी को मरते देखा है,
तो किसी बेसहारा को दुःखो से लड़ते देखा है….

 

थक गया हूं मैं खुद का दर्द छुपाते छुपाते..

हार गया हूं मैं
खुद को जताते जताते,
खो दिया हमने सबकुछ
खुद को पाते पाते,

मुश्किल था उस कल से निकलना
आपसे प्यार कर आगे बढ़ना,
आज थक गया हूं मैं
खुद का दर्द छुपाते छुपाते,
कहाँ चले गए वो पल
जो कल तक थे आते जाते,

ज़िन्दगी से खेलना हमें भी पसंद था,
मेरी ज़िन्दगी में गम शायद थोड़ा कम था,
बन गया हूं बुरा मैं
खुद को सही बताते बताते,
वो होठ भी सिमट गए आज
झूठी मुस्कान दिखाते दिखाते,

गुमनाम होता जा रहा मैं
दिल को सहलाते सहलाते
कहाँ चले गए वो पल
जो कल तक थे आते जाते,

मुस्कुराना भी सिख लिया था,
दर्द छुपाना भी सिख लिया था,
पर आज फिर गम की गलियों में चला गया
गम को भुलाते भुलाते,
बन गया हूं बुरा मैं
खुद को सही बताते बताते,

खुद से नफ़रत सी होने लगी मुझे,
कुछ टूटने की भनक सी लगी मुझे,
झुक गयी है ये नज़रे मेरी,
खुद से आँख मिलाते मिलाते,
थक गया हूं मैं  खुद का दर्द छुपाते छुपाते…..

मेरा प्यार

हमे आपसे कुछ इस क़दर मोहब्बत हुई है,
ये आँखें भी आपकी याद में नम हो गई है,

ज़िन्दगी का हरेक पल आपके नाम कर दूँ,
आपके प्यार में खुद को कहीं बदनाम न कर दूँ,

मुश्किल होता है आपको एक पल के लिए भूल जाना,
बेहद खुशी देती है हमे आपका यू खुलकर मुस्कुराना,

इन लबों पे एक छोटी सी मुस्कान सिर्फ आपसे है,
दिल मे जगी मोहब्बत की दास्तान सिर्फ आपसे है,

हाथ थामा है आपका तो मर के भी साथ  निभाएंगे,
आपके लिए हमसफर हर गम खुशी खुशी सह जाएंगे,

आपको पाना उस ख़ुदा को पाने से कम नही ,
आप हो साथ हमदर्द ज़िन्दगी में कोई गम नही ,

इश्क़ और अश्क़ की दोस्ती  बहुत खास है,
इश्क़ हो अश्क़ों का बहना आँखों का विश्वास है,

दिल का टूट जाना तो सबको नसीब होता  है
टूटकर संवर जाना किसी ख़ास को नसीब होता है,

आपको खोने का डर तो हमे हमेशा सताता है,
एक पल भी भूल जाना गुजरे पल याद दिलाता है,

यही वजह है जो आपको एक पल भी नही भूल पाते,
जब भी कोई पूछता हमसे इतना मुस्कुराते क्यों हो?,
हम भी इसके पीछे किसी खास की याद को बता जाते….
थोड़ा सा चन्दन केसर सिन्दूर माथे पे तिलक है सजाते

 

रिश्ते नाते ये तो सब बातें है

रिश्ते नाते ये तो सब बातें है जो चन्द पलो में टूट जाते है,
गैरों की बात क्या करें,यहाँ तो अपने अपनो से रूठ जाते हैं,
आज जब खुद को आईने में देखा तो पता चला की
हम अपनी खुशी की तलाश में खुद को ही कहीं छोड़ चले आते है,

अनजान राहों में तो नजाने कितनो से मुलाक़ात है,
पर आपके करीब कौन है ये तो वक़्त की बात है,

असली ज़िन्दगी तो हम बचपन मे जिया करते है,
ना किसी बात का फिक्र,दिनभर मज़े में रहा करते है,
इस उम्र का आलम तो देखिए साहब
अब तो इस ज़िन्दगी में सिर्फ दर्द लिया करते है,

दुःख इस बात का नही कि किस किस ने हमे धोखा दिया,
पर दुःख इस बात का है कि जिसने भी दिया वो सारे अपने थे,

धीरे धीरे ये वक़्त बीतते चले जाते है,
अंत मे सिर्फ गमों का आलम रह जाते है,
रिश्ते नाते ये सब झूठे है
आज हाथ पकड़ते कल खुद ही छोड़ जाते हैं।

 

कल फ़िर चमकुंगा सितारा बनकर

आज जो ओझल हो गया खुद से
कल फ़िर चमकुंगा सितारा बनकर,
आज जो दुब गई है मेरी पहचान
कल फ़िर उभरूँगा किनारा बनकर,

खौफ़ तो हमें खुद की साँसे छूटने से भी नही
बस अब अपनो की जुदाई से डरता हूँ,
किसी के आने से आज बेहद खुश हूँ
बस अब वक़्त और ख़ुदा की रुशवाई से डरता हूँ,

जो सूरज दुब गया है आज इन बादलों के दरमियां,
कल फिर निकलेगा वो सूरज चमकती उजियारा बनकर,
आज ख़ुद की तस्वीर में ही खुद नही दिखते
कल फ़िर आयेंगे हम चमकती सितारा बनकर,

वक़्त ने कहा
तू सबकुछ पाकर भी अधूरा रह जायेगा,
हमने भी कहा बस मेरी माहिया को हमारा कर दे
ये मनीष अधूरा रहकर भी पूरा हो जाएगा,

कल जो बिना किसी डर के चलता था
आज चलता है सम्भल संभलकर
आज जो रूठ गए है वो हसीं लमहात मेरे,
कल वो फिर आएंगे लहरा बनकर,

लोग प्यार करते है प्यार को पाने के लिए,
राधे-कृष्ण ने प्यार किया प्यार समझाने के लिए,

ज़ख्म जो आये है 
मेरी ज़िन्दगी में आज अंधियारा बनकर,
कल इन्ही ज़ख्मो पर मुस्कुरा कर
फ़िर से चमकुंगा सितारा बनकर।

इन आँखों मे तलाश सिर्फ उनका है

 

इन आँखों मे तलाश सिर्फ उनका है,
इस दिल मे ख्वाब सिर्फ उनका है,
चाहत उनसे रूबरू होने की ले के
एक मुलाक़ात का आस सिर्फ उनका है

इन अश्क़ों में जज़्बात सिर्फ उनका है,
इन मधुर होठों पर राग सिर्फ उनका है,
ख्वाईश है उनकी याद में गुनगुनाने की
सीने में प्यार का सौगात सिर्फ उनका है,

इन लबों पर फरियाद सिर्फ उनका है,
इस जिस्म में जान सिर्फ उनका है,
जीते तो हम भी है उनके बिना पर
इन साँसों पर नाम सिर्फ उनका है..

 

आओ मिलकर कुछ अलग करते है

आओ मिलकर कुछ अलग करते है
रूठी ज़िन्दगी में प्यार के रंग भरते है,
चलो फिर से वही बिखरे बाग सजाते है
जहाँ सभी एक साथ बैठ मुस्कुराते है,

आओ मिल कर एक नई सोच बनाते है,
फिर से इस जहां को”सोने की चिड़िया”बनाते है,
जाति-धर्म के हरेक बन्धन को तोड़ फिर से,
वही चमचमाता मुस्कुराता “भारत” बनाते है,

आओ अपना कदम आगे बढ़ाते है,
दिल से दिल तक का रिश्ता बनाते है,
छोटे से प्यार और बड़ो का सम्मान कर
फिर से वही मुस्कुराता परिवार बनाते है।

 

ऐ हवा ज़रा सा अपना रुख बदल

ऐ हवा ज़रा सा अपना रुख बदल,
मेरे दोस्त की मयूशी मुस्कान में कर,
उनकी सारी मुरादे हो जाये पूरी,
उनके किस्मत का रुख ऐसा कर,

ऐ हवा ज़रा सा अपना रुख बदल,
मेरे प्यारे दोस्त खुश रहे उम्र भर,
हर कांटे भी फूल लगने लगे उन्हें,
ऐसा हिम्मत उनके अन्दर भर,

ऐ हवा ज़रा सा अपना रुख बदल,
मेरे दोस्त की खामोशी को ले जा उड़ाकर,
उनके चेहरे पर फिर से वही मुस्कान ला दे,
उनके आंसू पोछ,उनके घर मे खुशियां भर…

 

आप

मेरी तस्वीर हो आप,
मेरी तक़दीर हो आप,
मेरे जीने की वजह हो
मेरे दिल की हीर हो आप,

मेरी प्यारी मुस्कान हो आप,
सच्चाई की पहचान हो आप,
आप बोझ नही,
उस माँ का वरदान हो आप,

मेरे तन की सीरत हो आप,
मेरे दिल की मूरत हो आप,
उस आसमानी परी की क्या औकात
उस परी से भी खूबसूरत हो आप..

  • THESE ARE PENNED BY MY FAVORITE MANISH SHRIVASTAV JI

*TO BE CONTINUED……

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Sonia Paruthi

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